ज्ञानव्यापी मस्जिद को लेकर भारत हिंदू परिषद के अध्‍यक्ष का बयान,अयोध्या जैसा ही है विवाद

भारत हिन्दू परिषद् के संस्थापक अध्यक्ष आशीष सिंह राजपूत ने यह बयान वाराणसी की ज्ञानव्यापी मस्जिद को लेकर दिया है.उन्होंने कहा, 1992 में बाबरी और 2022 में ज्ञानवापी की बारी है. उन्होंने दावा किया है कि मस्जिद की हकीकत रामलला जन्मभूमि की तरह छिपाई गई है.

आशीष सिंह राजपूत ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, औरंगजेब जैसे लोगों ने ज्ञानवापी मस्जिद बनवा दी. 1992 में बाबरी और 2022 में ज्ञानवापी की बारी है. मुसलमान आक्रांताओं ने मंदिर तोड़कर जो मस्जिद को खड़ा किया था, उसे वापस लाने का समय आ गया है.

काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का विवाद फिलहाल अदालत में है. पिछले साल अगस्त में 5 महिलाओं ने वाराणसी की स्थानीय अदालत में एक वाद दायर किया था. इसमें महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी मंदिर समेत कई विग्रहों में पूजन-दर्शन की इजाजत देने और सर्वे कराने की मांग की थी. इसी वाद पर अदालत ने यहां सर्वे करने की इजाजत दी थी. कोर्ट के आदेश पर अब सर्वे हो चुका है, लेकिन इससे काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को हवा मिल गई है.

काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का विवाद काफी हद तक अयोध्या जैसा ही है. हालांकि, अयोध्या में मस्जिद बनी थी और काशी में विवादित जगह पर मंदिर-मस्जिद दोनों ही बने हुए हैं. काशी विवाद में हिंदू पक्ष का कहना है कि 1669 में मुगल शासक औरंगजेब ने यहां काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद बनाई थी. हालांकि, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यहां मंदिर नहीं था और शुरुआत से ही मस्जिद बनी थी.

Share post -

Live COVID-19 statistics for
India
Confirmed
44,606,460
Recovered
0
Deaths
528,754
Last updated: 4 minutes ago

यह वेबसाइट कुकीज़ या इसी तरह की तकनीकों का इस्तेमाल करती है, ताकि आपके ब्राउजिंग अनुभव को बेहतर बनाया जा सके और व्यक्तिगतर तौर पर इसकी सिफारिश करती है. हमारी वेबसाइट के लगातार इस्तेमाल के लिए आप हमारी प्राइवेसी पॉलिसी से सहमत हों.